Kaal Sarp Yog Poojan and havan (काल सर्प योग पूजन एवं हवन)

काल सर्प योग पूजन एवं हवन (उज्जैन मंगल नाथ एवं सिद्ध वट पर)
 
जब राहु एवं केतु सदा वक्री (उल्टी चाल) में रहते हैं तथा किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली में जब सभी ग्रह राहु एवं केतु के बीच आ जाते हैं तो व्यक्ति कालसर्प योग से पीडित हो जाता है। काल सर्प दोष हर राशि के जातकों के लिए समान नहीं पडती है। यह राशि के अनुसार अलग-अलग प्रभाव दिखाती है।
काल सर्प योग एक तरह के नही राशियों की जैसे ही 12 प्रकार के होते है। जिनके अलग-अलग प्रभाव और विशेष उपाय होते है। जिनको अपनाकर आप इन कालसर्प दोष से निजात पा सकते है।
कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति को स्वास्थ्य, संतान, विवाह, कैरियर और जीवन मे काफी उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ता है, व्यक्ति जी तोड़ मेहनत करने के बाद भी सफल नही हो पाता है।
इसकी विशेष नवनाग पूजा हवन एवं विसर्जन भारत के दो मुख्य स्थानों पर होता है, नासिक तथा उज्जैन, यह पूजा हमारे द्वारा दोनों जगह विद्वान विशेषज्ञ पंडितो द्वारा संपादित की जाती है|
 
Kaal Sarp Yoga Poojan and Havan (On Ujjain Mangal Nath and Pradha Vaat)

 

In every person's horoscope, when all the planets come between Rahu and Ketu, then the person suffers from Kalsarp yoga when the effecting planets come between rahu and ketu in one’s horoscope. The time snake defect does not equal to the people of every zodiac. It shows different effects according to the amount.
The time serpent yoga is of the same kind as 12 types of zodiac signs. Those who have different effects and special remedies. By adopting whom one can get rid of these karsarp dosha.
Due to the Kalsarpa blame, one has to face a lot of ups and downs in health, children, marriage, career and life, even after hard work, a person cannot succeed.
Its special Navanag Puja, Havan and Visarjan occurs at two main places of India, Nasik and Ujjain, this worship is performed by our priests on both places.
 

 

 
 
Price : Rs. 11000.00