Vaastu Poojan Havan Jaap Sahit (वास्तु शान्ति पूजन हवन )

वास्तु शान्ति पूजन हवन
 
वास्तु का अर्थ है एक ऐसा स्थान जहाँ भगवान और मनुष्य एक साथ रहते हैं। हमारा शरीर पांच मुख्य पदार्थों से बना हुआ होता है और वास्तु का सम्बन्ध इन पाँचों ही तत्वों से माना जाता है। कई बार ऐसा होता है कि हमारा घर हमारे शरीर के अनुकूल नहीं होता है तब यह हमें प्रभावित करता है और इससे वास्तु दोष उत्पन्न हो जाते है। 
 
घर में क्लेश रहता है या फिर हर रोज कोई न कोई नुक्सान घर में होता रहता है। किसी भी कार्य के सिरे चढ़ने में बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। घर में मन नहीं लगता एक नकारात्मकता की मौजूदगी महसूस होती है। इन सब परिस्थितियों के पीछे वास्तु संबंधि दोष होते हैं। वास्तु की हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका है यह हर रोज हमारे जीवन को प्रभावित कर रहा होता है। घर में मौजूद इन्हीं वास्तु दोषों को दूर करने के लिये जो पूजा की जाती है उसे वास्तु शांति पूजा कहते हैं। मान्यता है कि वास्तु शांति पूजा से घर के अंदर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
 
 
वास्तु शांति पूजा विधि
 
आप जिस ढंग से वास्तु शांति की पूजा करते या करवाते हैं उसे वास्तु की पूजा विधि कहा जाता है। हालांकि वास्तुशास्त्र में कई प्रकार की विधियां व उपाय वास्तु शांति के लिये बताये गये हैं।
 
पूजा के लिये स्वस्तिवचन, गणपति स्मरण, संकल्प, श्री गणपति पूजन, कलश स्थापन, पूजन, पुन्यायह वचन, अभिषेक, शोडेशमातृका का पूजन, वसोधरा पूजन, मंत्रजाप, नांन्दीशराद, योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, अग्ने सेथापन, नवग्रह स्थापन पूजन, वास्तु मंडला पूजल, स्थापन, ग्रह हवन, वास्तु देवता होम, पूर्णाहुति, अभिषेक, विसर्जन आदि प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
 
वास्तु शांति के स्थायी उपाय के लिये विद्वान ब्राह्मण से पूरे विधि विधान से उपयुक्त पूजा करवाई जाती है, यह पूजन निवास स्थान अथवा कही भी देवशाला में विद्वान बृह्मनो द्वारा की जाती है।
 
Vaastu Shanti Poojan Havan
 
Vaastu means a place where God and man live together. Our body is made up of five main substances and the relation of Vastu is believed to be from these five elements. Many times it happens that our house is not conducive to our body, then it affects us and creates vaastu defects.
There is suffering in the house or every day someone gets hurt in the house. To face the end of any task, many difficulties have to be faced. There is a feeling of presence in the house that does not feel a negativity. There are Vastu related defects in all these situations. Vaastu has a very important role in our life, it is affecting our lives every day. Those who are worshiped to remove these Vastu flaws in the house are called Vaastu Shanti Puja. It is believed that all the negative forces inside the house are removed by Vaastu Shanti Puja, there is happiness and prosperity in the house.
 
Vaastu Shaanti worship method
 
The way one worship or perform Vaastu Shanti, called worship of Vaastu. However, in Vastu Shastra, many types of methods and remedies have been described for Vaastu Shanti.
Vastu mandal for self worship, Ganapati remembrance, resolution, Sri Ganapati worship, kalash establishment, worship, prayer, worship of Abhishek, Shodeshmata, Vasodhara Poojan, Mantra, Nandishrad, Yogini Poojan, Regional Poojan, Agni Sublimation, Navagraha Poojan, Vastu mandala Pujal, Establishment, Planet Havan, Vastu Deity Home, Purnahuti, Abhishek, Immersion etc. have to go through the process.
 
For the permanent measure of Vastu Shanti, the wise Brahmin worships from the entire law, it is performed by the scholar Gremno in the Pujan Nivas or in Devshahi. 

 

Note: 

हम आपको पूजा के फोटो / वीडियो व्हाट्सएप द्वारा प्रदान करेंगे ।
We also provide photo/video of the photo perform on behalf you at Whatsapp. 

 
 
Price : Rs. 11000.00